क्या डुओलिंगो के साथ बिना रुकावट भाषा बोल सकते हैं?

"बिना रुकावट बोल पाना" भाषा के ज्ञान को मापने का एक गलत पैमाना है, क्योंकि इसका मतलब यह है कि भाषा सीखने का एक निर्धारित अंत है। कोई व्यक्ति बिना रुकावट भाषा बोल पाता है या नहीं, यह तय करने के लिए कोई टेस्ट या आधार मौजूद नहीं है। भाषा सीखने के विशेषज्ञ इसके बजाय प्रोफ़िशिएंसी पर ज़्यादा ज़ोर देते हैं।"बिना रुकावट के बोल पाने" की इच्छा रखना ठीक है, लेकिन वास्तव में आप "आराम" से बोल पाने के लक्ष्य तक पहुँचना चाहेंगे। आप बीगिनर होते हुए भी आराम से बोल सकते हैं। भाषा बोलने की क़ाबिलियत आपके लक्ष्य पर निर्भर करती है! किसी ऑफिस में इस्तेमाल होने वाली भाषा यात्रा में होने वाले भाषा के इस्तेमाल से काफ़ी अलग होती है।


डुओलिंगो में हम कोर्स को इस तरह डिज़ाइन कर रहे हैं की आप B2 (पेज इंग्लिश में है) लेवल तक की भाषा सीखें और सीखी गई भाषा में ही नौकरी पाएँ। उस तरह की प्रोफ़िशिएंसी पाने के लिए लगन, ढेर सारी प्रैक्टिस और बहुत समय चाहिए होता है। डुओलिंगो आपको बहुत आगे तक ले जा सकता है: 2020 की एक स्टडी में पाया गया कि डुओलिंगो पर स्पैनिश और फ़्रेंच कोर्स सीखने वालों ने पढ़ने और सुनने के टेस्ट में उतना ही अच्छा प्रदर्शन किया, जितना अमेरिकी यूनिवर्सिटी में दो साल पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने किया — और वो भी लगभग आधे समय में। ऐसा करने के लिए आपके पास भाषा की बहुत सारी एड्वान्स्ड स्किल होनी चाहिए, लेकिन हम यहाँ रुकने वाले नहीं हैं: हम नियमित रूप से नया कंटेंट जोड़ते हैं, अंतर्राष्ट्रीय भाषा गाइडलाइंस के हिसाब से सुधार करते हैं, और नए प्रोडक्ट बनाते हैं ताकि आप बोलना और बातचीत करना जारी रख सकें। हम सभी भाषा सीखने वालों को उनके लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करना चाहते हैं!


बिना रुकावट बोलने को एक सर्वश्रेष्ठ पैमाना मानकर उसपर ध्यान देने के बजाय हम भाषा सीखने में आने वाले बारीक अंतर को ध्यान में रखकर बनाई गई पद्धति अपनाने में विश्वास रखते हैं जो सीखने वालों के लक्ष्य से जुड़ा हो। नई भाषा सीखते समय सीखनेवालों अपने मन में अक्सर ख़ास लक्ष्य बनाते हैं। दो अलग-अलग सीखनेवाले लोगों के लिए सफलता के मायने भी अलग होते हैं। इसलिए यह तय करना बहुत मुश्किल है कि नई भाषा सीखने में "बिना रुकावट बोलने" का असल मतलब क्या है। उदाहरण के लिए ,अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ समुद्र तट पर वीकेंड का प्लान बनाने के लिए आपको जितने शब्दों और व्याकरण की ज़रूरत है, वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के लिए एक असहमतिपूर्ण राय लिखने के लिए ज़रूरी शब्दावली और जटिल वाक्यों से बिलकुल अलग है।

डुओलिंगो में जब हम कोर्स डिज़ाइन करते हैं, तब भाषाओं के लिए बने Common European Framework of Reference (CEFR) का इस्तेमाल करके अलग-अलग प्रोफ़िशिएंसी लेवल के लिए लक्ष्य तय करते हैं। इन लेवल को A1, A2, B1, B2, C1 और C2 के नाम से जाना जाता है और इन्हें भाषा की बढ़ती जटिलताओं के क्रम में समझा जा सकता है। ज़्यादातर लोगों को सभी लेवल या ज़्यादातर लेवल में महारत हासिल करने की ज़रूरत नहीं है। यह सब आप पर निर्भर करता है कि आप भाषा सीखकर क्या करना चाहते हैं। जैसा कि हमने देखा है, कई लोग अपनी मातृभाषा में भी C1 या C2 शब्दावली और व्याकरण का इस्तेमाल नहीं करते हैं।